हिरासत में युवक की मौत के 80 घंटे बाद सरकार ने कई मांगें मानी, आज होगा अंतिम संस्कार

 पुलिस हिरासत में जितेंद्र खटीक की मौत के 80 घंटे बीतने के बाद आखिरकार सरकार मानी और पीड़ित परिवार के लोगों के साथ वार्ता की। कई मांगों पर सहमति बनने बाद चार दिनों से चल रहा गतिरोध टूट गया। 27 फरवरी को बाड़मेर ग्रामीण थाने में बिना किसी मुकदमे के जितेंद्र को हिरासत में लेकर थाने में रखा गया। इस दाैरान उसकी मौत हो गई।


 
परिजनों ने मारपीट व प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया। आरोपियों की गिरफ्तारी, मुआवजा और नौकरी की मांग को लेकर पिछले चार दिन से बाड़मेर अस्पताल मोर्चरी के बाहर पीड़ित परिवार सहित खटीक समाज के लोगों ने धरना शुरू कर दिया।


रविवार काे विधायक मेवाराम जैन व बाबूलाल नागर की अध्यक्षता में गठित कमेटी की पीड़ित परिवार और प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता हुई, जिसमें पूरे प्रकरण कर उच्च स्तरीय जांच, 25 लाख रुपए मुआवजा, आश्रित एक व्यक्ति को नौकरी, नगर परिषद से एक भूखंड देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजन शव के पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पर राजी हुए। प्रतिनिधि मंडल में उदाराम मेघवाल, आदूराम मेघवाल, लक्ष्मण वडेरा, श्रवण चंदेल सहित कई लोग मौजूद रहे।
 


दिनभर चला यूं घटनाक्रम



  • सुबह 9 बजे: राजस्व मंत्री, विधायक पहुंचे: मोर्चरी के बाहर धरने पर सुबह 9 बजे राजस्व मंत्री हरीश चौधरी व विधायक मेवाराम जैन ने प्रतिनिधि मंडल से मिलकर समझाइश की।

  • सुबह 11 बजे: बाबूलाल नागर आए: पूर्व मंत्री एवं विधायक बाबूलाल नागर सुबह 11 बजे धरना स्थल पर पहुंचे। पीड़ित परिवार की मांगें सुनीं।  वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन सहमति नहीं। 

  • दोपहर 1 बजे: भाजपा प्रदेश टीम पहुंची: भाजपा की प्रदेश की गठित टीम में विधायक मदन दिलावर, सांसद देवजी पटेल, पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत, पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी, डॉ. प्रियंका चौधरी धरना स्थल पर पहुंची।परिवार को आश्वस्त किया कि न्याय के लिए संघर्ष करेंगे। 

  • दोपहर 3 बजे: रालोपा प्रदेशाध्यक्ष पुखराज गर्ग, उपाध्यक्ष भागीरथ नैण, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गजेंद्र चौधरी सहित कई रालोपा पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचे।

  • शाम 5 बजे: अंतिम दौर की वार्ता शुरू हुई: कलेक्टर अंशदीप, विधायक मेवाराम जैन, बाबूलाल नागर और प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता हुई। विभिन्न मांगों पर सहमति के बाद प्रतिनिधि मंडल मृतक का पोस्टमार्टम के लिए राजी हुआ। 

  • शाम 6 बजे: मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में पोस्टमार्टम: मांगों पर सहमति के बाद शाम 6 बजे न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में मेडिकल बोर्ड से मृतक जितेंद्र का पोस्टमार्टम किया गया। परिजन सोमवार को शव का अंतिम संस्कार करेंगे। 


ये मांगें थीं जिन पर बनी सहमति



पीड़ितों की मांगें :  पीड़ित परिवार की ओर से सीबीआई जांच, आरोपियों की गिरफ्तार, एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी, भूखंड की मांगें रखे गईं। इसे लेकर चार दिन तक गतिरोध चला।



सरकार ने ये मांगें मानीं: पूरे प्रकरण की सीआईडी सीबी जांच करेगी। पोस्टमार्टम के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई। 25 लाख रुपए का मुआवजा, पीड़ित के आश्रित को अस्थाई सरकारी नौकरी, नगर परिषद क्षेत्र में भूखंड देने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया।
 


मृतक की मां पर केस वापस लेने का दबाव  
मदन दिलावर ने कहा कि मृतक की मां का कहना है कि उस पर एफआईआर वापस लेने व बयान बदलने का दबाव है। उसके एक बेटे को पुलिस ने मार दिया और दूसरे दो बेटों को भी जान से खत्म करने की धमकियां दी जा रही है। पीड़ित परिवार भी सुरक्षित नहीं है। पूरे मामले की रिपोर्ट भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को देंगे, विधानसभा में भी उठाएंगे। सरकार मामले को दबाने के लिए लीपापोती कर रही है। अब अवैध हिरासत में मौत को सरकार दबाने के लिए सीने में दर्द और हार्ट अटैक से मौत बताने के प्रयास कर रही है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।